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प्रोनिंग – ऑक्सीजन का निवारण

भारत में हर रोज कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है और भर्ती मरीजों की संख्या की वजह से ऑक्सीजन और आईसीयू बेड की भारी मात्रा में कमी नजर आ रही है।
ऑक्सीजन की कमी से मृतकों की संख्या बढ़ती जा रही है और इस कमी की पूर्ति करने के लिए अलग-अलग देशों से मंगवाने व देश में उत्पादन करने की कोशिश की जा रही है। जिन मरीजो को सामान्य कोरोना है घर मे रह कर भी  कुछ तरीको से ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ा सकते है । जैसे कि  प्रोनिंग इत्यादि

प्रोनिंग-

प्रोनिंग एक ऐसा लेटने का तरीका है जिस से शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाई जा सकती है ।
भारत सरकार की गाइडलाइन में भी इसको उपयोगी बताया गया है।
किसी भी कोरोना मरीज का ऑक्सीजन लेवल “95-94″से नीचे चला जाए तो

  • मरीज को पेट के बल लेट कर एक तकिया गर्दन के   नीचे 
  • दूसरा तकिया पेट के नीचे
  • तीसरा तकिया पैरों के नीचे लगा कर
  • “30”मिनट लेटने से ऑक्सीजन लेवल की मात्रा बढ़ सकती है। तथा इसको नियमित अंतराल से करता रहना चाहिए।
  • शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा को बढ़ाने का साधारण तरीका है
  • फेफड़ों से शरीर के अंगों तक जाने वाली ऑक्सीजन की मात्रा में बढ़ोतरी होती है
  • “कार्बन डाई ऑक्साइड”को “ऑक्सीजन”में बदलने मे भी बढ़ोतरी होती है।
  • उदाहरण –  उत्तरप्रदेश ,  राजस्थान , गुजरात में  कई लोगो ने प्रोनिंग का प्रयोग कर अपने ऑक्सीजन लेवल को 74 से 94-96 तक ले कर आने में सफल हुवे है।

प्रौनिंग का समय –

  1. खाना खाने के 1 घंटे पश्चात ना करें
  2. 1 दिन में 15 घंटों में अलग-अलग चरणों में करें।
  3. हर बार प्रोनिंग के पश्चात 30 मिनट का समय अंतराल रखें।

प्रोनिंग कौन ना करें-

  • जिसके की रीड की हड्डी में समस्या हो वह प्रोनिंग ना करें।
  • गर्भवती महिलाएं प्रोनिंग ना करें।
  • जिसे दिल की गंभीर बीमारी हो वह प्रोनिंग ना करें |

घर मे रहे और सुरक्षित रहे ।|


मूल लेखक– राम नारायण विश्नोई

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